इस सप्ताह · 3 दिन में करवा चौथ गुरु, 29 अक्टूबर मुहूर्त और विधि →
पर्व कैलेंडर · प्रतिदिन स्वतः अद्यतन

हिंदू त्योहार कैलेंडर

आने वाले पर्वों की तिथि, मुहूर्त, विधि और कथा, सरल भाषा में। समय नई दिल्ली के लिए हैं; हर पर्व के पृष्ठ पर अपना शहर चुनें।

अगले 60 दिनों के पर्व

  1. करवा चौथगुरु, 29 अक्टूबरइस सप्ताह · 3 दिन में
  2. धनतेरसशुक्र, 6 नवंबर11 दिन में
  3. दीपावली (लक्ष्मी पूजा)रवि, 8 नवंबर13 दिन में
  4. नरक चतुर्दशीरवि, 8 नवंबर13 दिन में
  5. गोवर्धन पूजामंगल, 10 नवंबर15 दिन में
  6. भाई दूजबुध, 11 नवंबर16 दिन में
  7. छठ पूजाशुक्र, 13 नवंबर – सोम, 16 नवंबर20 दिन में
  8. देवउठनी एकादशीशुक्र, 20 नवंबर25 दिन में
  9. तुलसी विवाहशनि, 21 नवंबर26 दिन में
  10. कार्तिक पूर्णिमामंगल, 24 नवंबर29 दिन में

एकादशी तिथियाँ पूर्णिमा तिथियाँ आज का पंचांग

पर्व कैलेंडर 2026–27

अक्टूबर 2026

करवा चौथगुरु, 29 अक्टूबरइस सप्ताह · 3 दिन में

नवंबर 2026

धनतेरसशुक्र, 6 नवंबर11 दिन में
दीपावली (लक्ष्मी पूजा)रवि, 8 नवंबर13 दिन में
नरक चतुर्दशीरवि, 8 नवंबर13 दिन में
गोवर्धन पूजामंगल, 10 नवंबर15 दिन में
भाई दूजबुध, 11 नवंबर16 दिन में
छठ पूजाशुक्र, 13 नवंबर – सोम, 16 नवंबर20 दिन में
देवउठनी एकादशीशुक्र, 20 नवंबर25 दिन में
तुलसी विवाहशनि, 21 नवंबर26 दिन में
कार्तिक पूर्णिमामंगल, 24 नवंबर29 दिन में

जनवरी 2027

मकर संक्रांतिशुक्र, 15 जनवरी81 दिन में

फ़रवरी 2027

वसंत पंचमीगुरु, 11 फ़रवरी108 दिन में

मार्च 2027

महाशिवरात्रिशनि, 6 मार्च131 दिन में
होलिका दहनरवि, 21 मार्च146 दिन में
होलीसोम, 22 मार्च147 दिन में

अप्रैल 2027

चैत्र नवरात्रिबुध, 7 अप्रैल – गुरु, 15 अप्रैल163 दिन में
राम नवमीगुरु, 15 अप्रैल171 दिन में
हनुमान जयंतीमंगल, 20 अप्रैल176 दिन में

मई 2027

अक्षय तृतीयारवि, 9 मई195 दिन में

जुलाई 2027

गुरु पूर्णिमारवि, 18 जुलाई265 दिन में

अगस्त 2027

रक्षा बंधनमंगल, 17 अगस्त295 दिन में
श्रीकृष्ण जन्माष्टमीबुध, 25 अगस्त303 दिन में

सितंबर 2027

गणेश चतुर्थीशनि, 4 सितंबर – मंगल, 14 सितंबर313 दिन में
शारदीय नवरात्रिगुरु, 30 सितंबर – शुक्र, 8 अक्टूबर339 दिन में

अक्टूबर 2027

दशहरा (विजयादशमी)शनि, 9 अक्टूबर348 दिन में

यह कैलेंडर कैसे बनता है?

हर पर्व का एक शास्त्रीय नियम है, जैसे दीपावली कार्तिक अमावस्या को प्रदोष काल में, जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को अर्धरात्रि में, और मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर। हमारा इंजन इन नियमों को निरयन (लाहिरी) सूर्य-चंद्र की गणना पर लागू करता है, सूर्योदय-सूर्यास्त से मुहूर्त निकालता है और हर दिन कैलेंडर को आगे बढ़ाता है।

हमने 2025 से 2028 तक की तिथियों का द्रिक पंचांग (नई दिल्ली) से मिलान किया है। कुछ पर्वों पर परंपराएँ अलग होती हैं, जैसे वैष्णव (इस्कॉन) जन्माष्टमी या एकादशी कभी-कभी एक दिन बाद मनाते हैं, और पूर्वी व दक्षिण भारत में कुछ पर्वों के नाम और दिन अलग हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अपने परिवार की परंपरा मानें।

त्योहार कैलेंडर के बारे में प्रश्न

त्योहारों की तिथियाँ हर साल क्यों बदलती हैं?

हिंदू पर्व चंद्र तिथियों पर आधारित हैं, जबकि अंग्रेज़ी कैलेंडर सौर है। चंद्र वर्ष लगभग 354 दिन का होता है, इसलिए पर्व हर साल 10-11 दिन पहले आते हैं और लगभग हर तीन साल में अधिक मास जोड़कर फिर ऋतु के साथ मिल जाते हैं।

अलग-अलग पंचांगों में तिथि अलग क्यों होती है?

तिथि सूर्योदय और विशेष काल (जैसे प्रदोष या निशीथ) पर निर्भर है, जो शहर के अनुसार बदलते हैं। कुछ पर्वों में स्मार्त और वैष्णव परंपराओं के नियम भी अलग हैं। हम द्रिक पंचांग से मिलान करते हैं और जहाँ अंतर संभव है वहाँ बताते हैं।

अमांत और पूर्णिमांत क्या हैं?

अमांत पद्धति में मास अमावस्या पर समाप्त होता है (दक्षिण व पश्चिम भारत), पूर्णिमांत में पूर्णिमा पर (उत्तर भारत)। पर्व की तिथि वही रहती है, केवल कृष्ण पक्ष के मास का नाम बदलता है।

क्या यह कैलेंडर अपने-आप अद्यतन होता है?

हाँ। हर पर्व एक नियम के रूप में संग्रहित है और इंजन हर दिन अगली तिथि और मुहूर्त निकालता है। पर्व बीतते ही पृष्ठ अगली तिथि दिखाने लगता है।

हर शनिवार, साप्ताहिक पत्र

सप्ताह के पर्व और मुहूर्त, बारह राशियों का अनुमान, एक गोचर और एक छोटी सी बात। मुफ़्त, सप्ताह में एक ईमेल।