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पूर्णिमा तिथियाँ · पूर्णिमा कैलेंडर

हर महीने का पूर्ण चंद्र दिवस, व्रत, स्नान और दान के लिए।

आज अगली: शरद पूर्णिमासमय: नई दिल्ली (IST)

पूर्णिमा तिथियाँ की तिथियाँ

नियम: हर चंद्र मास का पूर्ण चंद्र दिवस

अगले 12 महीने · नई दिल्ली (IST)

पूर्णिमातिथिपूर्णिमा समयचंद्र मास
शरद पूर्णिमा आजसोमवार, 26 अक्टूबर 2026सुबह 11:57 (25 अक्टूबर) – सुबह 9:42आश्विन
कार्तिक पूर्णिमा · देव दीपावलीमंगलवार, 24 नवंबर 2026रात 11:43 (23 नवंबर) – रात 8:24कार्तिक
मार्गशीर्ष पूर्णिमाबुधवार, 23 दिसंबर 2026सुबह 10:48 – सुबह 6:58 (24 दिसंबर)मार्गशीर्ष
पौष पूर्णिमाशुक्रवार, 22 जनवरी 2027रात 9:30 (21 जनवरी) – शाम 5:47पौष
माघ पूर्णिमाशनिवार, 20 फ़रवरी 2027सुबह 8:00 – सुबह 4:54 (21 फ़रवरी)माघ
होलिका दहन · फाल्गुन पूर्णिमासोमवार, 22 मार्च 2027शाम 6:22 (21 मार्च) – शाम 4:14फाल्गुन
हनुमान जयंती · चैत्र पूर्णिमामंगलवार, 20 अप्रैल 2027सुबह 4:52 – रात 3:57 (21 अप्रैल)चैत्र
बुद्ध पूर्णिमागुरुवार, 20 मई 2027शाम 4:03 (19 मई) – शाम 4:29वैशाख
वट पूर्णिमा · ज्येष्ठ पूर्णिमाशुक्रवार, 18 जून 2027सुबह 4:35 – सुबह 6:15 (19 जून)ज्येष्ठ
गुरु पूर्णिमारविवार, 18 जुलाई 2027शाम 6:49 (17 जुलाई) – रात 9:15आषाढ़
रक्षा बंधन · श्रावण पूर्णिमामंगलवार, 17 अगस्त 2027सुबह 10:29 (16 अगस्त) – दोपहर 12:59श्रावण
भाद्रपद पूर्णिमाबुधवार, 15 सितंबर 2027रात 2:49 – सुबह 4:34 (16 सितंबर)भाद्रपद
शरद पूर्णिमाशुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027शाम 6:50 (14 अक्टूबर) – शाम 7:17आश्विन

पूर्णिमा, पूर्ण चंद्र का दिन, पूर्णिमांत कैलेंडर में हर चंद्र मास का समापन करती है। बहुत-से परिवार व्रत रखते हैं, सत्यनारायण कथा पढ़ते हैं, पवित्र स्नान और दान करते हैं। कई पूर्णिमाएँ अपने-आप में बड़े पर्व हैं: गुरु पूर्णिमा, रक्षा बंधन, शरद पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा। यहाँ अगले बारह महीनों की हर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा तिथियाँ का महत्व और कथा

पूर्ण चंद्र पूर्णता और शांत मन से जुड़ा है। हर महीने की पूर्णिमा उसके चंद्र मास के नाम से जानी जाती है और उसकी अपनी परंपराएँ हैं।

पूर्णिमा एक दिन दोपहर से शुरू होकर अगले दिन समाप्त हो सकती है। सूची में वह दिन है जिस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा हो (स्नान और दान का दिन), साथ में सटीक तिथि समय।

व्रत विधि

  1. सुबह जल्दी स्नान करें, संभव हो तो नदी में।
  2. विष्णु (सत्यनारायण) या इष्टदेव की पूजा करें; परंपरा हो तो सत्यनारायण कथा पढ़ें।
  3. शाम को चंद्रमा को जल अर्पित करें।
  4. भोजन या वस्त्र दान करें।

पूजा सामग्री

  • गंगाजल
  • फल, पंचामृत और प्रसाद
  • दीया
  • दान की वस्तुएँ

क्या करें

  • अपने शहर के लिए पूर्णिमा का समय देखें।
  • पूर्ण चंद्र के नीचे कुछ शांत पल बिताएँ।
  • ज़रूरतमंद को दान दें।
  • शाम शांत और सादी रखें।

क्या न करें

  • कलह से बचें।
  • भोजन व्यर्थ न करें।
  • ऐसा व्रत न रखें जो स्वास्थ्य बिगाड़े।
  • स्नान के समय नदियों को प्रदूषित न करें।

पूर्णिमा तिथियाँ के बारे में सामान्य प्रश्न

अगली पूर्णिमा कब है?

अगली शरद पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को है। नई दिल्ली के लिए तिथि सुबह 11:57 (25 अक्टूबर) से सुबह 9:42 तक है।

पूर्णिमा व्रत एक दिन पहले क्यों हो सकता है?

जिस व्रत में चंद्रोदय पर पूर्ण चंद्र चाहिए, वह उस शाम रखा जाता है जब पूर्णिमा चल रही हो, जो सूर्योदय (स्नान) वाले दिन से एक दिन पहले हो सकती है।

सत्यनारायण पूजा क्या है?

पूर्णिमा पर सत्यनारायण रूप में विष्णु की लोकप्रिय पूजा, कथा और शीरे के प्रसाद के साथ।

वर्ष में कितनी पूर्णिमाएँ होती हैं?

बारह, या अधिक मास होने पर तेरह।

कौन-सी पूर्णिमाएँ बड़े पर्व हैं?

गुरु पूर्णिमा, रक्षा बंधन, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा और होलिका दहन।

ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?

हर पर्व एक नियम से तय होता है: चंद्र मास, पक्ष, तिथि और वह समय-खंड (जैसे प्रदोष, मध्याह्न या निशीथ) जिसमें तिथि होनी चाहिए। हमारा इंजन निरयन (लाहिरी) सूर्य-चंद्र से अगली बार वह योग खोजता है और चुने गए शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से मुहूर्त निकालता है। तिथियों का मिलान द्रिक पंचांग से किया गया है। जहाँ परंपराएँ अलग हैं (जैसे स्मार्त और वैष्णव), वहाँ हम उसे ऊपर बताते हैं, अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह को प्राथमिकता दें।

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