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वैदिक ज्योतिष की मूल बातें — बिना डर, बिना जटिल शब्दों के।
यह खंड वैदिक ज्योतिष की मूल अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाता है: कुंडली क्या है, निरयन राशिचक्र और लाहिरी अयनांश, विंशोत्तरी दशा, मांगलिक दोष, साढ़े साती और अष्टकूट गुण मिलान। हर लेख एक संक्षिप्त उत्तर से शुरू होता है और बताता है कि परंपरा क्या कहती है और उसकी सीमाएँ क्या हैं।
कुंडली क्या है? वैदिक जन्म-कुंडली की सरल मार्गदर्शिका
जन्म कुंडली क्या है, इसमें क्या होता है, यह कैसे बनती है और इसकी मूल बातें कैसे पढ़ें — सरल भाषा में।
साढ़े साती: तिथियाँ, चरण और वास्तविक अर्थ
साढ़े साती क्या है, चंद्र राशि से इसके तीन चरण कैसे निकलते हैं, 2025–2028 के शनि गोचर और भय-रहित दृष्टिकोण।
गुण मिलान (अष्टकूट): 36 गुणों की कुंडली मिलान पद्धति
अष्टकूट गुण मिलान आठ कूटों में 36 अंक कैसे देता है, प्रत्येक कूट क्या मापता है, और अंक केवल आरंभ क्यों है।
अंग्रेज़ी में उपलब्ध अन्य मार्गदर्शिकाएँ
- Sidereal vs Tropical Zodiac — निरयन और सायन राशिचक्र का अंतर, अयन-चलन और लाहिरी अयनांश।
- Vimshottari Dasha Explained — 120 वर्ष का दशा चक्र, ग्रहों का क्रम और जन्म के समय शेष दशा की गणना।
- Manglik Dosha Explained — मंगल की कौन-सी स्थितियाँ गिनी जाती हैं, यह कितना सामान्य है और पारंपरिक परिहार।
- How We Calculate — स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश, भाव पद्धति और AI-सहायता प्राप्त पाठ के बारे में हमारी पूरी पद्धति।
कहाँ से शुरू करें?
यदि आप नए हैं, तो "कुंडली क्या है?" से शुरू करें, फिर निरयन राशिचक्र पढ़ें — इससे समझ आएगा कि आपकी वैदिक राशि पश्चिमी राशि से अलग क्यों हो सकती है। विवाह मिलान में रुचि हो तो गुण मिलान और मांगलिक दोष के लेख पढ़ें। शनि के गोचर को लेकर चिंता हो तो साढ़े साती की मार्गदर्शिका तथ्य और भ्रम अलग करती है।
हर लेख तथ्यात्मक और शांत भाषा में लिखा है। ज्योतिष आत्म-चिंतन का एक पारंपरिक ढाँचा है, वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं। सभी 50 रिपोर्ट देखें · मुफ़्त कुंडली