बारह राशियाँ

वैदिक ज्योतिष में "आपकी राशि" का अर्थ प्रायः चंद्र राशि होता है — जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था।

संक्षिप्त उत्तर

राशि राशिचक्र का 30° का भाग है। वैदिक ज्योतिष बारह राशियों को निरयन (तारा-आधारित) पद्धति से मापता है, जो पश्चिमी राशियों से लगभग 24° पीछे है। प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह, तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) और स्वभाव (चर, स्थिर, द्विस्वभाव) होता है।

राशियों को कैसे समूहों में बाँटा जाता है?

तत्व: अग्नि (मेष, सिंह, धनु) ऊर्जा और पहल; पृथ्वी (वृषभ, कन्या, मकर) व्यावहारिकता; वायु (मिथुन, तुला, कुंभ) विचार और संवाद; जल (कर्क, वृश्चिक, मीन) भावना और अंतर्ज्ञान।

स्वभाव: चर राशियाँ (मेष, कर्क, तुला, मकर) आरंभ करती हैं, स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) टिकाए रखती हैं, और द्विस्वभाव राशियाँ (मिथुन, कन्या, धनु, मीन) परिस्थिति के अनुसार ढलती हैं।

चंद्र राशि, सूर्य राशि और लग्न में क्या अंतर है?

वैदिक ज्योतिष में राशिफल और कुंडली मिलान प्रायः चंद्र राशि से होते हैं। सूर्य राशि लगभग एक महीने तक एक ही रहती है, जबकि चंद्रमा हर सवा दो दिन में राशि बदलता है और लग्न लगभग हर दो घंटे में। इसलिए सटीक जन्म समय लग्न के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

अपनी पूरी कुंडली की व्याख्या के लिए संपूर्ण जीवन कुंडली देखें, या दो राशियों की अनुकूलता के लिए राशि मिलान पढ़ें।

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