तुलसी विवाह · तुलसी विवाह उत्सव
तुलसी के पौधे का भगवान विष्णु से प्रतीकात्मक विवाह।
26 दिन में कार्तिक शुक्ल द्वादशीसमय: नई दिल्ली (IST)
तिथि, मुहूर्त और समय
नियम: कार्तिक शुक्ल द्वादशी (कुछ परिवार एकादशी या पूर्णिमा तक)
तुलसी विवाह: शनिवार, 21 नवंबर 2026 के समय, नई दिल्ली
| द्वादशी तिथि आरंभ | सुबह 6:32 |
|---|---|
| द्वादशी तिथि समाप्त | सुबह 4:57 (22 नवंबर) |
| प्रदोष काल | शाम 5:25 – रात 8:06 |
| सूर्योदय | सुबह 6:48 |
| सूर्यास्त | शाम 5:25 |
रीति भिन्न है: कुछ परिवार एकादशी को या कार्तिक पूर्णिमा तक किसी भी दिन तुलसी विवाह करते हैं।
इसके बाद अगली बार: गुरुवार, 11 नवंबर 2027
सभी समय नई दिल्ली के लिए, निरयन (लाहिरी) पंचांग से गणना। हर दिन अपने-आप अद्यतन होते हैं और पर्व बीतने पर अगली तिथि दिखाते हैं। नई दिल्ली का आज का पंचांग
तुलसी विवाह तुलसी के पौधे का शालिग्राम या श्रीकृष्ण रूप में भगवान विष्णु से आनंदमय विवाह है। घर तुलसी को दुल्हन की तरह सजाते हैं, मंगल गीत गाते हैं, मिठाई बाँटते हैं और विवाहों का मौसम शुरू होता है। यहाँ इस वर्ष की तिथि और शाम का समय आपके शहर के अनुसार है।
तुलसी विवाह का महत्व और कथा
तुलसी को परम भक्त वृंदा के रूप में पूजा जाता है। उनकी कथा भगवान विष्णु के इस वचन पर समाप्त होती है कि वे सदा पूजी जाएँगी और विष्णु हर वर्ष शालिग्राम रूप में उनसे विवाह करेंगे। इसलिए आँगन की तुलसी साल में एक बार दुल्हन बनती है।
जिन परिवारों में बेटी नहीं है, उनके लिए तुलसी विवाह कन्यादान का सुख देने वाला माना जाता है। मुख्य रूप से यह प्रसन्न शाम है: गीत, गन्ने का छोटा मंडप और साझा भोज।
पूजा विधि, चरण-दर-चरण
- तुलसी का गमला साफ़ करें; लाल चुनरी, चूड़ियाँ, बिंदी और गन्ने के छोटे मंडप से सजाएँ।
- तुलसी के पास शालिग्राम या श्रीकृष्ण की मूर्ति रखें।
- शाम को संक्षिप्त विवाह करें: तिलक, माला, हल्दी और कलावे से गठबंधन।
- शालिग्राम लेकर तुलसी की सात परिक्रमा (फेरे) करें, मंगल गीत गाएँ।
- मिठाई और मौसमी फल अर्पित कर प्रसाद बाँटें।
पूजा सामग्री
- तुलसी का पौधा
- शालिग्राम या श्रीकृष्ण की मूर्ति
- लाल चुनरी और श्रृंगार
- मंडप के लिए गन्ना
- हल्दी, कुमकुम और माला
- मिठाई, आँवला, सिंघाड़ा
क्या करें
- सर्दियों में तुलसी को पानी दें और देखभाल करें।
- पड़ोसियों और बच्चों को बुलाएँ; यह खुशी का अवसर है।
- सरल और आनंदपूर्ण रखें।
- तुलसी सूख गई हो तो नया पौधा लगाएँ।
क्या न करें
- रीति के अनुसार इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
- पौधे पर प्लास्टिक की सजावट न करें।
- ज़्यादा खर्च न करें; सादा अनुष्ठान भी पूर्ण है।
- इस दिन कलह से बचें।
हर राशि के लिए तुलसी विवाह का एक छोटा संदेश
ये सामान्य, स्नेह भरे सुझाव हैं, कोई भविष्यवाणी नहीं। अपनी चंद्र राशि देखें।
- मेष
आपकी ख़ूबी: पहल करने का साहस। आज स्नेह के शब्द खुलकर कहें; आपका खुलापन जीवनसाथी और परिवार को बहुत प्रिय लगेगा।
- वृषभ
आपकी ख़ूबी: धैर्य और दृढ़ता। प्रेम व्यावहारिक ढंग से दिखाएँ: खाना बनाएँ, योजना बनाएँ या हाथ बँटाएँ, जैसा आप सबसे अच्छा करते हैं।
- मिथुन
आपकी ख़ूबी: शीघ्र सीखना और लचीलापन। किसी प्रिय के साथ लंबी, इत्मीनान भरी बातचीत रखें; आज सुनना ही आपका उपहार है।
- कर्क
आपकी ख़ूबी: सहानुभूति और भावनात्मक समझ। स्वयं को भी स्नेह पाने दें; प्रेम को सहजता से स्वीकारना भी पर्व का हिस्सा है।
- सिंह
आपकी ख़ूबी: स्वाभाविक नेतृत्व। आज स्नेह के शब्द खुलकर कहें; आपका खुलापन जीवनसाथी और परिवार को बहुत प्रिय लगेगा।
- कन्या
आपकी ख़ूबी: विश्लेषणात्मक सटीकता। प्रेम व्यावहारिक ढंग से दिखाएँ: खाना बनाएँ, योजना बनाएँ या हाथ बँटाएँ, जैसा आप सबसे अच्छा करते हैं।
- तुला
आपकी ख़ूबी: कूटनीति और शिष्टता। किसी प्रिय के साथ लंबी, इत्मीनान भरी बातचीत रखें; आज सुनना ही आपका उपहार है।
- वृश्चिक
आपकी ख़ूबी: गहराई और एकाग्रता। स्वयं को भी स्नेह पाने दें; प्रेम को सहजता से स्वीकारना भी पर्व का हिस्सा है।
- धनु
आपकी ख़ूबी: आशावाद और आस्था। आज स्नेह के शब्द खुलकर कहें; आपका खुलापन जीवनसाथी और परिवार को बहुत प्रिय लगेगा।
- मकर
आपकी ख़ूबी: अनुशासन और धैर्य। प्रेम व्यावहारिक ढंग से दिखाएँ: खाना बनाएँ, योजना बनाएँ या हाथ बँटाएँ, जैसा आप सबसे अच्छा करते हैं।
- कुंभ
आपकी ख़ूबी: मौलिक, स्वतंत्र चिंतन। किसी प्रिय के साथ लंबी, इत्मीनान भरी बातचीत रखें; आज सुनना ही आपका उपहार है।
- मीन
आपकी ख़ूबी: करुणा और दया। स्वयं को भी स्नेह पाने दें; प्रेम को सहजता से स्वीकारना भी पर्व का हिस्सा है।
तुलसी विवाह के बारे में सामान्य प्रश्न
तुलसी विवाह कब है?
अगला तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है, कार्तिक शुक्ल द्वादशी (कुछ परिवार एकादशी या पूर्णिमा तक)। नई दिल्ली के लिए प्रदोष काल: शाम 5:25 – रात 8:06। समय आपके शहर के अनुसार बदलते हैं; ऊपर अपना शहर चुनें।
तुलसी विवाह किस दिन होता है?
उत्तर भारत के अधिकांश घर देवउठनी एकादशी के अगले दिन कार्तिक शुक्ल द्वादशी को करते हैं। कुछ एकादशी को ही, और कुछ कार्तिक पूर्णिमा तक किसी भी दिन।
क्या शालिग्राम ज़रूरी है?
नहीं। श्रीकृष्ण या विष्णु की छोटी मूर्ति या चित्र भी ठीक है।
क्या सुबह कर सकते हैं?
हाँ, हालाँकि सूर्यास्त के आसपास शाम सबसे प्रचलित है। दिन में कभी भी कर सकते हैं।
तुलसी इतनी पूज्य क्यों है?
तुलसी विष्णु और कृष्ण को प्रिय है, और आयुर्वेद इसे स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानता है। रोज़ उसकी देखभाल पूजा का एक जीवंत रूप है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?
हर पर्व एक नियम से तय होता है: चंद्र मास, पक्ष, तिथि और वह समय-खंड (जैसे प्रदोष, मध्याह्न या निशीथ) जिसमें तिथि होनी चाहिए। हमारा इंजन निरयन (लाहिरी) सूर्य-चंद्र से अगली बार वह योग खोजता है और चुने गए शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से मुहूर्त निकालता है। तिथियों का मिलान द्रिक पंचांग से किया गया है। जहाँ परंपराएँ अलग हैं (जैसे स्मार्त और वैष्णव), वहाँ हम उसे ऊपर बताते हैं, अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह को प्राथमिकता दें।
इस पर्व के साथ अपनी कुंडली भी समझें
प्रेम और विवाह समय रिपोर्ट: आपका सप्तम भाव, शुक्र, नवांश और वे समय जो परंपरा में संबंधों से जुड़े हैं।
हर शनिवार, साप्ताहिक पत्र
सप्ताह के पर्व और मुहूर्त, बारह राशियों का अनुमान, एक गोचर और एक छोटी सी बात। मुफ़्त, सप्ताह में एक ईमेल।