रक्षा बंधन · राखी, श्रावण पूर्णिमा
बहनें राखी बाँधती हैं; भाई-बहन के बीच देखभाल का वचन।
295 दिन में श्रावण शुक्ल पूर्णिमासमय: नई दिल्ली (IST)
तिथि, मुहूर्त और समय
नियम: श्रावण पूर्णिमा, भद्रा रहित समय में
रक्षा बंधन: मंगलवार, 17 अगस्त 2027 के समय, नई दिल्ली
| पूर्णिमा तिथि आरंभ | सुबह 10:29 (16 अगस्त) |
|---|---|
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | दोपहर 12:59 |
| राखी बाँधने का मुहूर्त | सुबह 5:51 – दोपहर 12:59 |
| सूर्योदय | सुबह 5:51 |
| सूर्यास्त | शाम 6:59 |
इसके बाद अगली बार: शनिवार, 5 अगस्त 2028
सभी समय नई दिल्ली के लिए, निरयन (लाहिरी) पंचांग से गणना। हर दिन अपने-आप अद्यतन होते हैं और पर्व बीतने पर अगली तिथि दिखाते हैं। नई दिल्ली का आज का पंचांग
रक्षा बंधन भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव है। बहनें राखी बाँधती हैं, तिलक लगाती हैं और भाई के कल्याण की प्रार्थना करती हैं; भाई देखभाल का वचन और उपहार देते हैं। यहाँ इस वर्ष की तिथि, राखी मुहूर्त और भद्रा का समय आपके शहर के अनुसार है।
रक्षा बंधन का महत्व और कथा
जब श्रीकृष्ण की उँगली कटी, द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर पट्टी बाँधी; कृष्ण ने उनकी रक्षा का वचन दिया और निभाया। रानी कर्णावती की हुमायूँ को भेजी राखी भी याद की जाने वाली कथा है। धागा दोनों ओर से देखभाल के वचन का प्रतीक है।
इसी पूर्णिमा पर ब्राह्मण यज्ञोपवीत बदलते हैं (उपाकर्म) और तटीय समुदाय नारली पूर्णिमा पर समुद्र को नारियल अर्पित करते हैं।
पूजा विधि, चरण-दर-चरण
- राखी, रोली, अक्षत, दीया और मिठाई की थाली सजाएँ।
- राखी मुहूर्त में भाई को पूर्व की ओर बैठाकर तिलक और अक्षत लगाएँ।
- दाहिनी कलाई पर राखी बाँधें, आरती करें और मिठाई खिलाएँ।
- भाई उपहार और आशीर्वाद दें।
- परंपरा के अनुसार भद्रा में राखी न बाँधें; ऊपर भद्रा समाप्ति का समय दिया है।
पूजा सामग्री
- राखी
- रोली और अक्षत
- दीया
- मिठाई
- थाली और छोटा उपहार
क्या करें
- अपने शहर के मुहूर्त में राखी बाँधें।
- दूर रहने वाले भाई-बहन को राखी पहले भेजें और वीडियो कॉल पर बाँधें।
- चचेरे और मुँहबोले भाई-बहनों को शामिल करें।
- पर्यावरण-अनुकूल राखी चुनें।
क्या न करें
- परिवार मानता हो तो भद्रा में राखी न बाँधें।
- दिन को महँगे उपहारों तक सीमित न करें।
- नालियों में जाने वाली प्लास्टिक राखियों से बचें।
- न भूलें कि बहनें भी भाइयों की रक्षा करती हैं।
हर राशि के लिए रक्षा बंधन का एक छोटा संदेश
ये सामान्य, स्नेह भरे सुझाव हैं, कोई भविष्यवाणी नहीं। अपनी चंद्र राशि देखें।
- मेष
आपकी ख़ूबी: पहल करने का साहस। सबको साथ लाने की पहल करें, और शांत स्वभाव वालों को भी बोलने का अवसर दें।
- वृषभ
आपकी ख़ूबी: धैर्य और दृढ़ता। आपकी स्थिरता परिवार को जोड़े रखती है; किसी बड़े को छोटा-सा धन्यवाद बहुत मायने रखेगा।
- मिथुन
आपकी ख़ूबी: शीघ्र सीखना और लचीलापन। किसी भाई-बहन या रिश्तेदार को फ़ोन करें जिनसे बहुत दिन से बात नहीं हुई; हल्की-फुल्की बात दूरी मिटा देती है।
- कर्क
आपकी ख़ूबी: सहानुभूति और भावनात्मक समझ। आज आपकी देखभाल गहराई से महसूस होगी; सबका ध्यान रखने के साथ स्वयं भी आराम करें।
- सिंह
आपकी ख़ूबी: स्वाभाविक नेतृत्व। सबको साथ लाने की पहल करें, और शांत स्वभाव वालों को भी बोलने का अवसर दें।
- कन्या
आपकी ख़ूबी: विश्लेषणात्मक सटीकता। आपकी स्थिरता परिवार को जोड़े रखती है; किसी बड़े को छोटा-सा धन्यवाद बहुत मायने रखेगा।
- तुला
आपकी ख़ूबी: कूटनीति और शिष्टता। किसी भाई-बहन या रिश्तेदार को फ़ोन करें जिनसे बहुत दिन से बात नहीं हुई; हल्की-फुल्की बात दूरी मिटा देती है।
- वृश्चिक
आपकी ख़ूबी: गहराई और एकाग्रता। आज आपकी देखभाल गहराई से महसूस होगी; सबका ध्यान रखने के साथ स्वयं भी आराम करें।
- धनु
आपकी ख़ूबी: आशावाद और आस्था। सबको साथ लाने की पहल करें, और शांत स्वभाव वालों को भी बोलने का अवसर दें।
- मकर
आपकी ख़ूबी: अनुशासन और धैर्य। आपकी स्थिरता परिवार को जोड़े रखती है; किसी बड़े को छोटा-सा धन्यवाद बहुत मायने रखेगा।
- कुंभ
आपकी ख़ूबी: मौलिक, स्वतंत्र चिंतन। किसी भाई-बहन या रिश्तेदार को फ़ोन करें जिनसे बहुत दिन से बात नहीं हुई; हल्की-फुल्की बात दूरी मिटा देती है।
- मीन
आपकी ख़ूबी: करुणा और दया। आज आपकी देखभाल गहराई से महसूस होगी; सबका ध्यान रखने के साथ स्वयं भी आराम करें।
रक्षा बंधन के बारे में सामान्य प्रश्न
रक्षा बंधन कब है?
अगला रक्षा बंधन मंगलवार, 17 अगस्त 2027 को है, श्रावण पूर्णिमा, भद्रा रहित समय में। नई दिल्ली के लिए राखी बाँधने का मुहूर्त: सुबह 5:51 – दोपहर 12:59। समय आपके शहर के अनुसार बदलते हैं; ऊपर अपना शहर चुनें।
भद्रा क्या है और इससे क्यों बचते हैं?
भद्रा (विष्टि करण) आधी तिथि है जिसे परंपरा शुभ कार्यों के लिए टालती है। श्रावण पूर्णिमा पर यह तिथि के पहले आधे भाग में होती है, इसलिए पंचांग राखी मुहूर्त भद्रा समाप्ति के बाद रखते हैं।
भद्रा पूरे दिन रहे तो?
जब भद्रा दोपहर को ढक ले और पूर्णिमा अगली सुबह कम से कम लगभग ढाई घंटे रहे, तो राखी अगली सुबह बाँधी जाती है। हम यही नियम अपनाते हैं।
क्या बहनें बहनों को राखी बाँध सकती हैं?
हाँ। कई परिवार सभी भाई-बहनों के रिश्ते का उत्सव मनाते हैं।
राखी किस कलाई पर बाँधें?
परंपरा से दाहिनी कलाई पर।
ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?
हर पर्व एक नियम से तय होता है: चंद्र मास, पक्ष, तिथि और वह समय-खंड (जैसे प्रदोष, मध्याह्न या निशीथ) जिसमें तिथि होनी चाहिए। हमारा इंजन निरयन (लाहिरी) सूर्य-चंद्र से अगली बार वह योग खोजता है और चुने गए शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से मुहूर्त निकालता है। तिथियों का मिलान द्रिक पंचांग से किया गया है। जहाँ परंपराएँ अलग हैं (जैसे स्मार्त और वैष्णव), वहाँ हम उसे ऊपर बताते हैं, अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह को प्राथमिकता दें।
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